Our beloved Founder Director

Director's Message

शिक्षक के लिए विद्यार्थी पुत्र एवं पुत्रियों के समान होते हैं। शिक्षण के माध्यम से इनका सर्वांगीण विकास करना हमारा दायित्व एवं धर्म हैं। शिक्षक एक माली के समान होता है जो शिष्य रूपी कलियों को उनके बहुमुखी विकास के लिए सार्थक परिस्थितियाँ बनाता है। विद्यालय परिवार यथा-प्रबन्ध समिति, अध्यापक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के अथक प्रयासों से विद्यार्थी के रूप में अविकसित सुमन एक दिन पूर्ण रूप से विकसित होकर अपने यश-सुगन्ध से दिक-दिगन्त को सुविकसित कर देंगें, ऐसी मेरी कामना हैं।

प्रगति के पथ पर बढ़ते हुए विद्यार्थी के चहुंमुखी विकास के लिए गुरूजनों तथा छात्र/छात्राओं के साथ साथ उनके प्रबुद्ध अभिभावकों का सहयोग भी आपेक्षित है।

गुरूजनों, छात्र/छात्राओं तथा अभिभावकों का सहयोग लेकर विद्यालय परिवार सदैव प्रयासरत्न हैं, कि विद्यार्थी प्रगति के पथ पर अग्रसर हो।